Sunday, August 3, 2008

धारा के विरुद्ध तैरना ही होगा...

पूंजीवादी अखबारों, पत्रिकाओं, रेडियो-दूरदर्शन और दर्जनों केबल टीवी चैनलों आदि ने आज पूरे देश के आम लोगों के दिलो-दिमाग पर चौतरफा हमला बोल दिया है। अखबार, छापेखाने, प्रकाशन उद्योग, इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया - इन सब पर हमारे देश के बड़े और मझोले पूंजीपतियों तथा उन्‍हीं की चाकरी बजाने वाली सरकार का शिकंजा तो पहले से कायम था, अब साम्राज्‍यवादी देशों के बड़े-बड़े 'मीडिया दैत्‍यों' ने भी मीडिया तंत्र के

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